आज नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा विधि एवं भोज कैसे लगाए

चैत्र नवरात्रि की शुरूआत 9 अप्रैल से हो चुकी है. जिसका समापन 17 अप्रैल को नवमी के दिन होगा. आज यानि 15 अप्रैल को चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन है. नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है. मां का सातवां स्वरूप बहुत खास है.
मां काल रात्रि का स्वरूप अंधकार की तरह काला है. देवी कालरात्रि का रंग अंधेरी रात के समान गहरा है. खुले बाल, गले की मुंड माला उनके स्वरूप को और भी उग्र बनाता है. देवी काली राक्षसों, बुरी आत्माओं और नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश करने के लिए जानी जाती है.
मां का प्रिय भोग
मां की पूजा में नियम को मानना बहुत जरूरी है. इसीलिए नवरात्रि में नियम से पूजा और नियम से भोग लगाना भी जरूरी होता है. 15 अप्रैल, 2024 सोमवार के दिन मां कालरात्रि की पूजा के समय के बाद को गुड़ का भोग लगाएं.
मां कालरात्रि को गुड़ से बनी चीजें अति प्रिय हैं. जैसे गुड़ से बनी खीर, या गुड़ से बनी किसी भी चीज का भोग लगाना चाहिए.
ऐसी मान्यता है कि मां को उनका प्रिय भोग लगाने से मां प्रसन्न होती हैं और आशीर्वाद देती हैं. साथ ही आप कालरात्रि मां को मेवे का भी भोग लगा सकते हैं.
नवरात्रि सातवें दिन की पूजन विधि (Navratri 7th Day Pujan Vidhi)
- नवरात्रि के सातवें दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि कर लें.
- इसके बाद लाल रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें.
- अब मंदिर में मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर लगाकर उनकी पूजा आरंभ करें.
- मां कालरात्रि को रोली कुमकुम लगाकर, फूल, फल आदि चीजें अर्पित करें.
- मां को चुनरी चढ़ाएं.
- मां कालरात्रि का पाठ करें और आरती करें.
- मां को गुड का भोग लगाएं.
- आखिर में मां से क्षमा याचना करें.
तो आप भी आज मां कालरात्रि की कृपा पाने के लिए विधिवत पूजन करें और मां को उनका प्रिय भोग जरूर लगाएं.
[banner id="1202"]


